कहावत लोकोक्ति मुहावरे 1

  • "कहावत" - इस शब्द का अर्थ है - "समाज में प्रचलित कथन", जिसका हम रोजमर्रा की ज़िंदगी में उपयोग करते हैं। आम लोगों के लिये अत्यन्त महत्त्वपूर्ण तथ्यों को प्रकट करने वाले संक्षिप्त किन्तु महत्त्वपूर्ण कथनों को 'कहावत' कहा जाता है।
  • कहावतें प्रायः सांकेतिक रूप में होती हैं। प्रायः एक भाषा की कहावतों को दूसरी भाषाओं में भी अपना लिया जाता है। भारत के विभिन्न प्रान्तों में अपने-अपने भाव, भाषा एवं वेशभूषा के अनुरूप लोक-कहावतें जन-जन के मुख पर आती रहती हैं।
  • इन कहावतों में मानवीय जीवन की प्रत्येक हलचल का सही चित्रण हमें देखने को मिलता है। ऐसी ही कुछ कहावतें हैं जिनमें स्वास्थ्य, खेती सुधार, उपज वृद्धि के भाव कूट-कूट कर भरे पड़े हैं। ऐसी ही कुछ कहावतें, अर्थ के साथ आपके सामने है :- 
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कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1- अजगर करे ना चाकरी पंछी करे ना काम,
दास मलूका कह गए सब के दाता राम ..।
अर्थ - अजगर को किसी की नौकरी नहीं करनी होती और पक्षी को भी कोई काम नहीं करना होता, ईश्वर ही सबका पालनहार है, इसलिए कोई भी काम मत करो ईश्वर स्वयं देगा। आलसी लोगों के लिए श्री मलूकदास जी का ये कथन बहुत ही उचित है !
2- असाढ़ जोतो लड़के ढार, सावन भादों हरवा है
क्वार जोतो घर का बैल, तब ऊंचे उनहारे।
अर्थ -किसान को आषाढ माह में साधारण जुताई करनी चाहिए, सावन भादों में अधिक, परन्तु क्वार में बहुत अधिक जुताई करें कि दिन-रात का ध्यान ना रहे, तभी अच्छी और ज़्यादा उपज होगी।
3- अधजल गगरी छलकत जाय अर्थ - जो व्यक्ति बहुत कम जानता है, वह विद्वान ही होने का दिखावा ज़्यादा करता है।
4- अति ऊँचे भू-धारन पर भुजगन के स्थान
तुलसी अति नीचे सुखद उंख अन्न असपान।
अर्थ - तुलसीदास जी कहते हैं कि, खेती ऐसे ऊँचे स्थानों पर करनी चाहिए, जहाँ पर साँप रहते हों, पहाड़ों के ढाल पर उंख हो, वहीं पर अन्न और पान की अच्छी फ़सल होती है।
5- अद्रा भद्रा कृत्तिका, अद्र रेख जु मघाहि।
चँदा ऊगै दूज को सुख से नरा अघाहि।।
अर्थ - यदि द्वितीया का चन्द्रमा, आर्द्रा नक्षत्र, कृत्तिका, श्लेषा या मघा में अथवा भद्रा में उगे तो मनुष्य सुखी रहते हैं।
6- अखै तीज तिथि के दिना, गुरु होवे संजूत।
तो भाखैं यों भड्डरी, उपजै नाज बहूत।।
अर्थ - अगर वैशाख में अक्षय तृतीया को गुरुवार पड़े तो ख़ूब अन्न पैदा होगा।
7- असुनी नलिया अन्त विनासै।गली रेवती जल को नासै।।
भरनी नासै तृनौ सहूतो।कृतिका बरसै अन्त बहूतो।।
अर्थ - अगर चैत माह में अश्विनी नक्षत्र में बारिश हो तो, वर्षा ऋतु के अन्त में झुरा पड़ेगा; रेतवी नक्षत्र बरसे तो वर्षा नाम मात्र की होगी; भरणी नक्षत्र बरसे तो घास भी सूख जाएगी और कृतिका नक्षत्र बरसे तो अच्छी वर्षा होगी।
8- असाढ़ मास आठें अंधियारी।
जो निकले बादर जल धारी।।
चन्दा निकले बादर फोड़।
साढ़े तीन मास वर्षा का जोग।।
अर्थ - अगर आषाढ़ माह की अष्टमी को अन्धकार छाया हुआ हो, और चन्द्रमा बादलों से निकले तो बहुत आनन्ददायी वर्षा होगी और पृथ्वी पर आनन्द की बारिश सी होगी।
9- असाढ़ मास पूनो दिवस, बादल घेरे चन्द्र।
तो भड्डरी जोसी कहैं, होवे परम अनन्द।।
अर्थ - अगर आषाढ़ माह की पूर्णिमा को चन्द्रमा बादलों से ढ़का रहे, तो भड्डरी ज्योतिषी कहते हैं कि उस वर्ष आनन्द ही आनन्द रहेगा।
10- अबे-तबे करना। अर्थ - आदर से न बोलना।
11- अंधों का हाथी अर्थ -किसी विषय का पूर्ण ज्ञान ना होना।
12- अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनाना। अर्थ - अपनी बड़ाई आप ही करना।
13- अब पछताए होत क्या जब चिडिया चुग गई खेत। अर्थ - समय रहते काम ना करना और नुक़सान हो जाने के बाद पछताना। जिससे कोई लाभ नहीं होता है।
14- अंडा सिखावे बच्चे को चीं-चीं मत क… अर्थ - छोटे का बड़े को उपदेश देना।
15- अंडे सेवे कोई, बच्चे लेवे को॥ अर्थ - परिश्रम कोई व्यक्ति करे और लाभ किसी दूसरे को हो जाए।
16-अंडे होंगे तो बच्चे बहुतेरे हो जाएंगे। अर्थ - मूल वस्तु प्राप्य रहेगी तो उससे बनने वाली वस्तुएँ तो निश्चित ही प्राप्त होती रहेंगी।
17- अंत भला तो सब भला। अर्थ - परिणाम अच्छा हो जाए, तो सभी कुछ अच्छा मान लिया जाता है।
18- अंत भले का भला। अर्थ - दूसरों की भलाई करने से अपना भी भला हो जाता है।
19- अढ़ाई दिन की बादशाहत। अर्थ - थोड़े दिन की शान-शौक़त।
20- अधर में लटकना या झूलना। अर्थ - द्विविधा में पड़ा रह जाना।
21- अन्‍न जल उठ जाना। अर्थ - किसी जगह से चले जाना।
22- अन्‍न न लगना। अर्थ - खा-पीकर भी मोटा न होना।
23- अपना-अपना राग अलापना। अर्थ - अपनी ही बातें कहना।
24- अपना उल्‍लू सीधा करना। अर्थ - अपना मतलब निकालना।
25- अपना सा मुँह लेकर रह जाना। अर्थ - लज्जित होना।
26- अपनी खाल में मस्‍त रहना। अर्थ - अपनी दशा से संतुष्‍ट रहना।
27- अपनी खिचड़ी अलग पकाना। अर्थ - अलग-थलग रहना।
28- अपने पांव पर आप कुल्‍हाड़ी मारना। अर्थ - अपना अहित स्वयं करना।
29- अपने पैरों पर खड़ा होना। अर्थ - स्‍वावलंबी होना।
30- अपने में न होना। अर्थ - होश में न होना।
31- अंधेर नगरी चौपट राजा,
टके सेर भाजी टके सेर खाजा।
अर्थ - जहाँ मुखिया ही मूर्ख हो, वहाँ अन्याय होता ही है।
32- अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। अर्थ - अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता।
33- अकेला हँसता भला न रोता भला। अर्थ - सुख-दु:ख में साथी की आवश्यता पड़ती है, व्यक्ति ना अकेला रो सकता है और ना ही अकेला हँस सकता है।
34- अक्ल बड़ी या भैंस। अर्थ - शारीरिक शक्ति का महत्त्व कम होता है, बुद्धि का अधिक।
35- अच्छी मति जो चाहो, बूढ़े पूछन जाओ। अर्थ - बड़े–बूढ़ों की सलाह से कार्य सिद्ध हो जाते हैं, क्योंकि उनका अनुभव काम आता है।
36- अब के बनिया देय उधार। अर्थ - अपनी ज़रुरत आ पड़ती है, तो आदमी सब कुछ मान जाता है, हर शर्त स्वीकार कर लेता है।
37- अटकेगा सो भटकेगा। अर्थ - दुविधा या सोच–विचार में पड़ जाते हैं, तो काम अधूरा ही रह जाता है।
38- अढ़ाई हाथ की लकड़ी, नौ हाथ का बीज। अर्थ - अनहोनी बात होना।
39- अनजान सुजान, सदा कल्याण। अर्थ - मूर्ख और ज्ञानी हमेशा सुखी रहते हैं।
40- अपना-अपना कमाना, अपना-अपना खाना। अर्थ - किसी के साथ साझा करना अच्छा नहीं होता।
41- अपना ढेंढर देखे नही, दूसरे की फुल्ली निहारे। अर्थ - अपने ढ़ेर सारे दुर्गण दिखायी नहीं देते हैं, और दूसरे के अवगुण की चर्चा करना।
42- अपना मकान कोट (क़िले) समान। अर्थ - अपने घर में जो सुख होता है, वह बाहर कहीं नहीं होता है।
43- अपना रख पराया चख। अर्थ - अपनी चीज़ सम्भाल कर रखना और दूसरों की चीज़ को इस्तेमाल करना।
44- अपना लाल गँवाय के दर-दर माँगे भीख। अर्थ - अपनी चीज़ बहुमूल्य होती है, उसे खोकर व्यक्ति दूसरों का आश्रित हो जाता है।
45- अपना ही पैसा खोया तो परखने वाले का क्या दोष। अर्थ - अपना ही सामान खराब हो तो दूसरों को दोष देना सही नहीं होता है।
46- अपनी–अपनी खाल में सब मस्त। अर्थ - व्यक्ति अपनी परिस्थिति से सतुष्ट रहे, शिकायत ना करे।
47- अपनी-अपनी तुनतुनी (ढफली), अपना-अपना राग। अर्थ - सब अलग-अलग अपना मनमाना काम कर रहे हों।
48- अपनी करनी पार उतरनी। अर्थ - खुद अपना किया काम ही फलदायक या लाभदायक होता है।
49- अपनी गरज से लोग गधे को भी बाप बनाते हैं। अर्थ - स्वार्थ के लिए व्यक्ति को छोटे आदमी की खुशामद भी करनी पड़ती है।
50- अपनी गरज बावली। अर्थ - स्वार्थ में आदमी दूसरों की चिंता नहीं करता।
51- अपनी गली में कुत्ता भी शेर। अर्थ - व्यक्ति का अपने घर में ही ज़ोर होता है।
52- अपनी गाँठ पैसा तो, पराया आसरा कैसा। अर्थ - आदमी स्वयं समर्थ हो तो किसी दूसरे पर आश्रित क्यों रहेगा।
53- अपनी चिलम भरने को मेरा झोपड़ा जलाते हो। अर्थ - अपने ज़रा से लाभ के लिए किसी दूसरे की बड़ी हानि करना।
54- अपनी छाछ को कोई खट्टा नहीं कहता। अर्थ - अपनी चीज़ को कोई बुरा नहीं बताता।
55- अपनी टाँग उघारिए, आपहि मरिए लाज। अर्थ - अपने घर की बात दूसरों से कहने से व्यक्ति की खुद की ही बदनामी होती है।
56- अपनी नींद सोना, अपनी नींद जागना। अर्थ - पूर्ण रूप से स्वतंत्र होना।
57- अपनी नाक कटे तो कटे दूसरों का सगुन तो बिगड़े। अर्थ - दुष्ट लोग दूसरों का नुक़सान करते ही हैं, भले ही उनका अपना भी कितना ही नुक़सान हो जाए।
58- अपनी पगड़ी अपने हाथ, अर्थ - अपनी इज्जत अपने हाथ होना।
59- अपने किए का क्या इलाज। अर्थ - अपने कर्म का फल खुद भोगना ही पड़ता है।
60- अपने झोपड़े की खैर मनाओ। अर्थ - अपनी कुशल देखो या अपनी भलाई देखो।
61- अपने पूत को कोई काना नहीं कहता। अर्थ - अपनी खराब चीज़ को भी कोई खराब नहीं कहता है।
62- अपने मुँह मिया मिट्ठू बनाना। अर्थ - अपनी बड़ाई खुद ही करना।
63- अब की अब के साथ, जब की जब के साथ। अर्थ - सदा वर्तमान में ही रहना चाहिए और आज की ही चिंता करनी चाहिए।
64- अब सतवंती होकर बैठी, लूट लिया सारा संसार। अर्थ - सारी उम्र तो व्यक्ति बुरे काम करता रहा और बाद में संत बनकर बैठ जाए।
65- अभी तो तुम्हारे दूध के दाँत भी नहीं टूटे। अर्थ - अभी तो तुम्हारी उम्र कम है और अभी तुम बच्चे हो और नादान और अनजान हो।
66- अभी दिल्ली दूर है। अर्थ - अभी कसर बाकी है, अभी काम पूरा नहीं हुआ।
67- अमरी की जान प्यारी, ग़रीब को दम भारी। अर्थ - ग़रीब की जान के लाले पड़े हैं।
68- अरहर की टट्टिया, गुजराती ताला। अर्थ - मामूली वस्तु की रक्षा के लिए इतना बड़ा इन्तज़ाम।
69- अलख पुरुष की माया, कहीं धूप कहीं छाया। अर्थ - ईश्वर की लीला देखिए- कोई सुखी है और कोई दु:खी है।
70- अशर्फ़ियाँ लुटें और कोयलों पर मोहर। अर्थ - मूल्यवान वस्तु भले ही दे दें, पर छोटी-छोटी चीज़ों को बचा-बचा कर रखने की आदत।
31- अब तब करना। अर्थ - टाल देना।
72- अक्‍ल के पीछे लट्ठ लिए फिरना। अर्थ - मूर्खता का काम करना।
73- अक्‍ल पर पत्‍थर/परदा पड़ना। अर्थ - समझ न रहना।
74- अगर-मगर करना। अर्थ - बहाना करना।
75- अटकलें भिड़ाना। अर्थ - उपाय सोचना।
76- अठखेलियाँ सूझना। अर्थ - हँसी-दिल्‍लगी करना।
77- अडियल टट्टू। अर्थ - हठी, जिद्दी।
78- अड्डे पर चहकना। अर्थ - अपने घर पर रोब दिखाना।
79- अढ़ाई चावल की खिचड़ी अलग पकाना। अर्थ - सब से अलग सोच–विचार रखना।

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कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1-आसमान से गिरा खजूर में अटका।
अर्थ - एक मुसीबत से निकलकर दूसरी मुसीबत में फंस जाना।
2- आसाढ़ी पूनो दिना, गाज बीजु बरसंत।
नासे लच्छन काल का, आनंद मानो सत।।
अर्थ - आषाढ़ की पूर्णिमा को यदि बादल गरजें, बिजली चमके और पानी बरसे तो वह वर्ष बहुत सुख से बीतेगा।
3- आद्रा में जौ बोवै साठी। दु:खै मारि निकारै लाठी।।
अर्थ - जो किसान आद्रा नक्षत्र में धान बोता है वह दु:ख को लाठी मारकर भगा देता है।
4- आद्रा बरसे पुनर्वसुजाय, दीन अन्न कोऊ न खाय।। अर्थ - यदि आर्द्रा नक्षत्र में वर्षा हो और पुनर्वसु नक्षत्र में पानी न बरसे तो ऐसी फ़सल होगी कि कोई दिया हुआ अन्न नहीं खाएगा।
5- आस-पास रबी बीच में खरीफ।
नोन-मिर्च डाल के, खा गया हरीफ।।
अर्थ - खरीफ की फ़सल के बीच में रबी की फ़सल अच्छी नहीं होती है।
6- आँख के अंधे नाम नैनसुख अर्थ - नाम बड़ा होना और व्यक्ति का व्यवहार और गुण उसके विपरीत होना।
7- आटे के साथ घुन भी पिसता है। अर्थ - दोषी व्यक्ति के साथ निर्दोष व्यक्ति भी मारा जाता है।
8- आदमी–आदमी अंतर, कोई हीरा कोई कंकर। अर्थ - हर आदमी का गुण और स्वाभाव दूसरे से भिन्न होता है्।
9- आम के आम गुठलियों के दाम अर्थ - दोहरा लाभ होना।
10- आँख एक नहीं, कजरौटा दस-दस। अर्थ - व्यर्थ का आडम्बर रचना।
11- आँख ओट पहाड़ ओट। अर्थ - आँख से ओझल होने पर समझना चाहिए कि बहुत दूर हो गए।
12- आँख और कान में चार अंगुल का फ़र्क़। अर्थ - आँखों देखी बात का विश्वास करना, कानों से सुनी बात का नहीं।
13- आँख के आगे नाक, सूझे क्या खाक। अर्थ - आँख के आगे परदा पड़ा है तो क्या रास्ता सूझेगा।
14- आँख बची और माल दोस्तों का। अर्थ - पलक झपकने से माल गायब हो सकता है।
15- आँख सुख कलेजे ठंडक। अर्थ - परम शान्ति का होना।
16- आँख एक नहीं कलेजा टूक-टूक। अर्थ - बनावटी दु:ख प्रकट करना।
17- आई तो ईद, न आई तो जुम्मेरात,
आई तो रोज़ी नहीं तो राज़ा।
अर्थ - आमदनी हुई तो मौज ही मौज, नहीं तो फाका ही सही।
18- आई मौज फ़कीर की, दिया झोपड़ा फूँक। अर्थ - मनमौजी और विरक्त आदमी को किसी का मोह नहीं होता और ना ही किसी चीज़ की परवाह होती है ।
19- आई है जान के साथ, जाएगी जनाज़े के साथ। अर्थ - लाइलाज बीमारी।
20- आओ-आओ घर तुम्हारा,
खाना माँगे दुश्मन हमारा।
अर्थ - झूठ-मूठ का सत्कार करना, मन ना होने पर भी आदर देना ।
21- आस्तीन का साँप। अर्थ - विश्वासघाती मित्र।
22- आग का जला आग ही से अच्छा होता है। अर्थ - कष्ट देने वाली वस्तु से भी कभी कभी कष्ट का निवारण हो जाता है।
23- आग खाएगा तो अंगार उगलेगा अर्थ - बुरे काम करने का बुरा फल ही मिलता है।
24- आग बिना धुआँ नहीं। अर्थ - हर चीज़ का कारण अवश्य ही होता है।
25- आग लगने पर कुआं खोदना। अर्थ - आवश्यकता पड़ने पर काम करना, पहले से कुछ न करना।
26- आगे जाए घुटने टूट, पीछे देखे आँख फूटे। अर्थ - जिधर जाएँ उधर ही मुसीबत आना।
27- आगे नाथ न पीछे पगहा। अर्थ - किसी का भी बंधन ना होना, पूर्णत: बंधनरहित होना।
28- आज का बनिया कल का सेठ। अर्थ - काम करते रहने से ही आदमी बड़ा हो जाता है अर्थात उन्नति करता है।
29- आज मेरी मँगनी, कल मेरा ब्याह,
टूट गई टंगड़ी, रह गया ब्याह।
अर्थ - उम्मीदें कभी कभी विफल भी हो जाती हैं।
30- आटे का चिराग, घर रखूँ तो चूहा खाए,
बाहर रखूँ तो कौआ ले जाए।
अर्थ - ऐसी वस्तु जिसे बचाने में कठिनाई हो, जिसकी रक्षा करना मुश्किल हो जाए ।
31- आठ कनौजिया नौ चूल्हे। अर्थ - अलगाव की स्थिति होना।
32- आठ वार नौ त्योहार। अर्थ - मौज मस्ती से भरा जीवन जीना।
33- आदमी की दवा आदमी है। अर्थ - मनुष्य ही मनुष्य के काम आता है या मनुष्य ही मनुष्य की सहायता करते हैं।
34- आदमी को ढाई गज़ कफ़न काफ़ी है। अर्थ - आदमी बेकार की सुख-सुविधा जुटाने में लगा रहता है, जीवन के लिए ज़रूरी ज़रूरतें तो कम ही होती हैं।
35- आदमी जाने बसे, सोना जाने कसे। अर्थ - व्यक्ति व्यवहार से और सोना कसौटी पर कसने से पहचाना जाता है।
36- आदमी पानी का बुलबुला है। अर्थ - मनुष्य का जीवन नाशवान है, इसीलिए यह जीवन अनमोल है।
37- आधा तीतर आधी बटेर। अर्थ - बेमेल चीज़ों का सम्मिश्रण होना।
38- आधी छोड़ पूरी को धावे, आधी रहे ना पूरी पावे। अर्थ - अधिक लालच करने से हानि ही होती है।
39- आप काज़ महा काज़। अर्थ - अपना काम स्वयं करना ही अच्छा होता है।
40- आप न जावे सासुरे औरों को देय सीख। अर्थ - स्वयं तो काम करते नहीं और दूसरों को सीख देते हैं।
41- आप पड़ोसन लड़े। अर्थ - बिना बात ही झगड़ा करना।
42- आप भला तो जग भला। अर्थ - भले आदमी को सब लोग भले ही मिलते हैं।
43- आप मरे जग परलय। अर्थ - अपने मरने के बाद दुनिया में कुछ भी होता रहे।
44- आप मरे बिन स्वर्ग न जावे। अर्थ - अपना काम स्वयं किए बिना ठीक नहीं होता।
45- आप मियाँ जी माँगते, द्वार खड़े दरवेश। अर्थ - अपने पास कुछ भी नहीं है दूसरों की सहायता क्या करेगें।
46- आपा तजे तो हरि को भजे। अर्थ - स्वार्थ को छोड़ने से ही परमार्थ प्राप्त होता है।
47- आब–आब कर मर गया, सिरहाने रखा पानी। अर्थ - वस्तु के पास होने पर भी सही भाषा ना जानने से समस्या आती है।
48- आ बला गले लग, आ बैल मुझे मार। अर्थ - बिना बात मुसीबत मोल लेना।
49- आम खाने से काम, पेड गिनने से क्या काम। अर्थ - अपने मतलब की बात करना।
50- आए की खुशी न गए का गम। अर्थ - हर हालात में एक जैसा ही रहना।
51- आए थे हरि भजन को ओटन लगे कपास। अर्थ - उच्च लक्ष्य लेकर चलना पर कोई घटिया सा काम करने लगना।
52- आस-पास बरसे दिल्ली पड़ी तरसे। अर्थ - जिसे आवश्यकता हो उसे न मिलकर किसी और को मिलना।
53- आसमान का थूका मुँह पर आता है। अर्थ - बड़े लोगों की निंदा करने से अपनी ही बदनामी होती है।
54- आसमान से गिरा खजूर पर अटका। अर्थ - कोई काम पूरा होते-होते रह गया, एक मुसीबत से निकले तो दूसरी मुसीबत में फंस जाना।
55- आकाश कुसुम। अर्थ - अनहोनी बात।
56- आकाश चूमना। अर्थ - बुलन्द होना।
57- आकाश से बातें करना। अर्थ - बहुत ऊँचा होना।
58- आकाश पाताल एक करना। अर्थ - कोई उपाय न छोड़ना।
59- आग पर तेल छिड़कना। अर्थ - और भड़काना।
60- आग पर पानी डालना। अर्थ - झगड़ा मिटाना।
61- आग पानी या आग और फूल का बैर होना। अर्थ - स्वाभाविक शत्रुता होना।
62- आग बबूला होना। अर्थ - बहुत गुस्सा होना।
63- आग में कूदना। अर्थ - जान जोखिम में डालना।
64- आग लगने पर कुआँ खोदना। अर्थ - पहले से कोई उपाय न कर रखना।
65- आग लगाकर तमाशा देखना। अर्थ - झगड़ा पैदा करके खुश होना।
86- आसमान सिर पर उठाना। अर्थ - बहुत हो-हल्ला मचाना।
67- आगे का पैर पीछे पड़ना। अर्थ - क़िस्मत उलटी होना।
68- आटा गीला होना। अर्थ - विपत्ति में पड़ना।
69- आसमान फट पड़ना। अर्थ - अचानक आफ़त आ पड़ना।
70- आटे दाल का भाव मालूम होना। अर्थ - दुनियादारी ज्ञात होना।
71- आठ-आठ आँसू रोना। अर्थ - बहुत पछतावा होना।
72- आड़े आना। अर्थ - मुसीबत में सहायता करना।
73- आड़े हाथों लेना। अर्थ - बातों से लज्जित कर देना।
74- आधा तीतर आधा बटेर। अर्थ - बेमेल काम।
75- आपे से बाहर होना। अर्थ - क्रोध से अपने वश में न रहना।
76- आ बनना। अर्थ - मुसीबत पड़ना।
77- आव न देखा ताव। अर्थ - बिना कारण।
78- आवाज़ उठाना। अर्थ - विरोध प्रकट करना।
79- आसन डोलना। अर्थ - विचलित होना।
80- आसमान के तारे तोड़ना। अर्थ - असंभव कार्य करना।
81- आसमान टूट पड़ना। अर्थ - अचानक विपत्ति आ पड़ना।
82- आसमान पर चढ़ा देना। अर्थ - बहुत तारीफ करना।
83- आसमान पर दिमाग होना। अर्थ - बहुत घंमडी होना।



कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1- इतना खाए जितना पचे।
अर्थ - सीमा या सामर्थ के अनुसार ही कार्य करने चाहिए।
2- इतनी सी जान, गज भर की ज़बान। अर्थ - अपनी उम्र के हिसाब से बहुत ज़्यादा और बड़ा बोलना।
3- इधर कुआँ उधर खाई। अर्थ - हर हाल में मुसीबत का आना।
4- इध्‍ार न उधर, यह बला किधर। अर्थ - बिना बताये अचानक विपत्ति का आ पड़ना।
5- इन तिलों में तेल नहीं। अर्थ - यहाँ से कुछ भी मिलने वाला नहीं है।
6- इसके पेट में दाढ़ी है। अर्थ - उम्र का कम होना और बुद्धि का अधिक होना।
7- इस घर का बाबा आदम ही निराला है। अर्थ - यहाँ पर सब कुछ ही विचित्र है।
8- इस हाथ ले उस हाथ दे। अर्थ - कर्म का फल तुरंत ही मिलता है।
9- इतिश्री होना। अर्थ - अंत होना।
10- इधर- उधर की हाँकना। अर्थ - व्यर्थ की बातें करना।
11- इधर की उधर लगाना / करना। अर्थ - चुगली करके भड़काना।
12- इशारों पर नाचना। अर्थ - किसी की इच्छाओं का तुरंत पालन करना।



कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1- ईंट की देवी, माँगे प्रसाद।
अर्थ - जैसा व्यक्ति हो उसकी उसी के अनुसार वैसी ही आवभगत करनी चाहिए।
2- ईंट की लेनी, पत्थर की देनी। अर्थ - किसी की दुष्टता के बदले में और अधिक दुष्टता प्रदर्शित करना।
3- ईद का चाँद। अर्थ - बहुत दिनों के बाद दिखाई देने वाले (व्यक्ति) को ईद का चाँद कहा जाता है।
4- ईंट के पीछे टर्र। अर्थ - समय (मौक़े) के बीत जाने पर काम करना।
5- ईंट का जवाब पत्थर से देना। अर्थ - किसी के आरोपों का करारा जवाब देना।
6- ईंट से ईंट बजाना। अर्थ - विनाश करना।



कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1-उत्रा उत्तर दै गयी, हस्त गयो मुख मोरि।
भली विचारी चित्तरा, परजा लेइ बहोरि।।
अर्थ - उत्तर नक्षत्र ने जवाब दे दिया और हस्त नक्षत्र भी मुंह मोड़कर चला गया। चित्रा नक्षत्र ही अच्छा है जो कि प्रजा को बसा लेता है अर्थात यदि उत्तरा और हस्त नक्षत्र में पानी न बरसे और चित्रा नक्षत्र में पानी बरस जाता है तो उपज अच्छी होती है।
2- उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे। अर्थ - दोषी होने पर भी दोषी बताना।
3- उँगली पकड़ते ही पहुँचा पकड़ना। अर्थ - थोड़ा सा आसरा पाकर पूर्ण अधिकार पाने की हिम्मत बढ़ना।
4- उगले तो अंधा, खाए तो कोढ़ी। अर्थ - दुविधा में पड़ जाना।
5- उतर गई लोई तो क्या करेगा कोई। अर्थ - इज्ज़त न रहने पर आदमी निर्लज्ज हो जाता है, उसे मान अपमान का ध्यान नहीं रहता है।
6- उत्तर जाएं कि दक्खिन, वही करम के लक्ख़न। अर्थ - भाग्य और दुर्भाग्य हर जगह साथ देता है, व्यक्ति कहीं भी रहे।
7- उपजति एक संग जल माही,
जलज जोंक जिमि गुण विलगाही
अर्थ - एक पिता के बेटे भी एक जैसे नहीं होते अर्थात मूल एक होने पर भी विभिन्नताएँ देखने को मिलती हैं।
8- उलटी गंगा पहाड़ चली। अर्थ - असंभव या विपरीत बात होना, असंभव काम करने की कोशिश करना।
9- उलटे बाँस बरेली को। अर्थ - विपरीत कार्य करना, असंभव काम करने की कोशिश करना।
10- उँगलियों पर नाचना। अर्थ - किसी की इच्छाओं का तुरंत पालन करना।
11- उँगली उठाना। अर्थ - निंदा करना।
12- उँगली पकड़ कर पहुँचा पकड़ना। अर्थ - ज़रा सा सहारा मिलते ही कुछ और पाने की लालसा करना।
13- उगल देना। अर्थ - भेद खोल देना।
14- उड़ती चिड़िया पहचानाना। अर्थ - मन की बात ताड़ जाना।
15- उड़न छू होना। अर्थ - गायब हो जाना।
16- उधार खाए बैठना। अर्थ - हठ करना।
17- उधेड़ बुन में पड़ना / रहना। अर्थ - सोच-विचार करते रहना।
18- उन्नीस पड़ना या होना। अर्थ - कुछ घटकर होना।
19- उल्टे छुरे से मूँड़ना। अर्थ - मूर्ख बनाकर ठग लेना।
20- उन्नीस-बीस होना। अर्थ - बहुत थोड़ा अन्तर होना।
21- उबल पड़ना। अर्थ - एकदम गुस्सा हो जाना।
22- उल्टी गंगा बहाना। अर्थ - उल्टा काम करना।
23- उल्टी पट्टी पढ़ाना। अर्थ - ग़लत कहकर बहकाना।
24- उल्टी माला फेरना। अर्थ - अहित सोचना।



कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1- ऊधौ का देना ना माधौ का लेना।
अर्थ - किसी का भी कर्जदार ना होना।
2- ऊँट के मुंह में ज़ीरा होना। अर्थ - आवश्यकता से बहुत कम होना।
3- ऊँची दुकान फीका पकवान। अर्थ - जहाँ बाहरी दिखावा अधिक हो और गुणकर्म बहुत ही कम हो।
4- ऊँट किस करवट बैठता है। अर्थ - निर्णय किसके पक्ष में होता है।
5- ऊँट की चोरी झुके-झुके। अर्थ - कोई भी बड़ा काम चोरी- छिपे नहीं किया जा सकता।
6- ऊँचे-नीचे पैर पड़ना। अर्थ - बुराई में पड़ जाना।
7- ऊँट का सुई की नोंक से निकलना। अर्थ - किसी की इच्छाओं का तुरंत पालन करना।



कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1-एक पंथ दो काज
अर्थ - एक काम के प्रयत्न से दो काम पूरे होना।
2- एक करेला/गिलोय, दूसरे नीम चढ़ा। अर्थ - एक दोष होने के साथ ही साथ दूसरा दोष भी होना।
3- एक अंडा वह भी गंदा। अर्थ - चीज़ भी थोड़ी है और जितनी है वह भी बेकार है।
4- एक आँख से रोवे, एक आँख से हँसे। अर्थ - दिखावटी रोना या दिखावटी काम करना।
5- एक अनार सौ बीमार। अर्थ - चीज़ का कम होना और चाहने वाले ज़्यादा होना।
6- एक आवे (आवाँ) के बर्तन। अर्थ - सब का एक जैसा होना जैसे कुम्हार के आवे (आवाँ) में सभी बर्तन एक जैसे ही पकते हैं।
7- एक और एक ग्यारह होते हैं। अर्थ - एकता में बल होता है।
8- एक के दूने से सौ के सवाये भले। अर्थ - अधिक लाभ पर कम माल बेचने की अपेक्षा कम लाभ पर अधिक माल बेचना अधिक फ़ायदेमंद होता है।
9- एक गंदी मछली सारे तालाब को गंदा कर देती है। अर्थ - एक बुरा आदमी सारी बिरादरी की बदनामी कराता है।
10- एक टकसाल के ढले। अर्थ - सबका एक जैसा होना।
11- एक तवे की रोटी, क्या छोटी क्या मोटी। अर्थ - कोई भी भेदभाव नहीं होना अर्थात समानता का होना।
12- एक तो चोरी दूसरे सीना-जोरी। अर्थ - कोई अपराध करके अपराध न मानना और उल्टे रौब गाँठना।
13- एक (ही) थैली के चट्टे-बट्टे होना। अर्थ - एक ही जैसे दुर्गुण वाले होना।
14- एक मुँह दो बातें। अर्थ - अपनी बात से पलट जाना।
15- एक म्यान में दो तलवारें नहीं समा सकती। अर्थ - समान अधिकार वाले दो व्यक्ति एक ही क्षेत्र में नहीं रह सकते हैं।
16- एक हाथ से ताली नहीं बजती। अर्थ - झगड़े के लिए दोनों पक्ष जिम्मेदार होते हैं, एक के झगड़ा करने से झगड़ा नहीं होता है।
17- एक ही लकड़ी से सबको हाँकना। अर्थ - छोटे- बड़े का ध्यान न रखकर सबके साथ एक जैसा ही व्यवहार करना।
18- एकै साधे सब सधे, सब साधे सब जाय। अर्थ - एक समय में एक ही काम हाथ में लेना चाहिए, कई काम एक साथ करने से कोई काम सही नहीं होता है।
19- एक आँख से देखना। अर्थ - सबको बराबर समझना।
20- एक-एक नस पहचानना। अर्थ - सब कुछ समझना।
21- एक घाट का पानी पीना। अर्थ - एकता और सहनशील होना।
22- एक लकड़ी से सबको हाँकना। अर्थ - यथायोग्य व्यवहार न करना।
23- एक ही थैली के चट्टे-बट्टे। अर्थ - एक जैसे चरित्र और विचार के लोग।
24- एडि़याँ रगड़ना। अर्थ - बहुत दौड़-धूप करना।
25- एड़ी-चोटी का पसीना एक करना। अर्थ - घोर परिश्रम करना।







कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1- ऐसी की जूती ऐसी का सिर
अर्थ - जिसकी करनी, उसी को फल मिलता है भुगतना पड़ता है।
2- ऐसे बूढ़े बैल को कौन बाँध भुसा देय। अर्थ - एक समय में एक ही काम हाथ में लेना चाहिए।
3 - ऐसी की तैसी करना। अर्थ - दुर्दशा करना






कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1- ओछे की प्रीत,बालू की भीत।
अर्थ - बालू की दीवार मजबूत नहीं होती, वह कभी भी गिर सकती है, ऐसे ही किसी भी रूप में गिरे हुए आदमी की दोस्ती भी बहुत अधिक दिनों तक नहीं चलती।
2- ओखली में सिर दिया तो मूसल का क्या डर। अर्थ - यदि कठिन कार्य हाथ में ले लिया है तो कठिनाइयों से नहीं डरना चाहिए।
3- ओस चाटे प्यास नहीं बुझती। अर्थ - बहुत थोड़ी सी वस्तु‍ से आवश्यकता की पूर्ति नहीं होती है।
4- ओखली में सिर देना। अर्थ - जोखिम मोल लेना।
5- ओढ़नी बदलना। अर्थ - पक्की सहेलियाँ बनाना।







कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1- औंधी खोपड़ी।
अर्थ - मूर्खता से भरा।
2- औने-पौने करना। अर्थ - थोड़ा - बहुत जितना भी लाभ हो बेच देना





कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1- आँख का अंधा नाम नैन सुख।
अर्थ - नाम के अनुसार गुण न होना ।
2- आंक से कोदो, नीम जवा।
गाड़र गेहूं बेर चना।।
अर्थ - यदि मदार खूब फूलता है तो कोदो की फ़सल अच्छी है। नीम के पेड़ में अधिक फूल-फल लगते है तो जौ की फ़सल, यदि गाड़र (एक घास जिसे खस भी कहते हैं) की वृद्धि होती है तो गेहूं, बेर और चने की फ़सल अच्छी होती है।
3- आँख आना। अर्थ - आँख दुखना।
4- आँख उठाना। अर्थ - सामने ताकना।
5- आँख उठाकर न देखना। अर्थ - तिरस्कार करना।
6- आँख का काँटा। अर्थ - शत्रु।
7- आँख का काजल। अर्थ - अत्यन्त प्रिय।
8- आँख का तारा। अर्थ - बहुत प्यारा।
9- आँख खुलना। अर्थ - सावधान होना, भ्रम दूर होना।
10- आँख मारना। अर्थ - इशारा करना।
11- आँख रखना। अर्थ - निगरानी करना।
12- आँख लगना। अर्थ - झपकी आना।
13- आँखें चार होना। अर्थ - आमने-सामने होना।
14- आँखें तरेरना। अर्थ - क्रोध से देखना।
15- आँखें नीची होना। अर्थ - लज्जित होना।
16- आँखें पथरा जाना। अर्थ - थक जाना।
17- आँखें फेर लेना। अर्थ - प्रतिकूल होना।
18- आँखें बिछाना। अर्थ - प्रेम से स्वागत करना।
19- आँखें मूँदना। अर्थ - मर जाना।
20- आँखों का काजल चुराना। अर्थ - गहरी चोरी कर लेना।
21- आँखों का पानी ढलना। अर्थ - निर्लज्ज होना।
22- आँखों पर चर्बी चढ़ना। अर्थ - अहंकार से ध्यान तक न देना।
23- आँखों में ख़ून उतरना। अर्थ - ग़ुस्से से आँखें लाल हो जाना।
24- आँखों में गड़ जाना। अर्थ - पाने की इच्‍छा होना, बुरा लगना।
25- आँखों में धूल झोंकना। अर्थ - धोखा देना।
26- आँखों में सरसों फूलना। अर्थ - विवेक न होना।
27- आँखों से गिरना। अर्थ - आदर भाव घट जाना।
28- आँच न आने देना। अर्थ - ज़रा सा भी कष्ट नहीं आने देना।
29- आँचल पकड़ना। अर्थ - सहारा लेना।
30- आँचल पसारना। अर्थ - याचना करना।
31- आँधी के आम। अर्थ - सस्ती चीज़ें।
32- आँसू पीकर रह जाना। अर्थ - भीतर ही भीतर रोकर चुप कर जाना।
33- आँसू पोंछना। अर्थ - ढाढ़स बँधाना।
34- अंकुश न मानना। अर्थ - ढिठाई करना।
35- अंग-अंग खिल उठना। अर्थ - प्रसन्‍न हो जाना ।
36- अंग-अंग फूले न समाना। अर्थ - बहुत आनंदित होना।
37- अंग टूटना। अर्थ - थकावट से शरीर में दर्द होना।
38- अंग लगना। अर्थ - ताक़त देना।
39- अंगार उगलना। अर्थ - क्रोध में बुरा-भला कहना।
40- अंगार / अंगारे बरसना। अर्थ - कड़ी धूप होना।
41- अंगारों पर पैर रखना। अर्थ - जोखिम मोल लेना।
42- अंगारों पर लोटना। अर्थ - रोष और डाह के मारे कुढ़ना।
43- अँगूठा दिखाना। अर्थ - समय पर इंकार कर देना।
44- अँगूठी का नगीना। अर्थ - सजीला और सुन्‍दर दूल्‍हा।
45- अँगूठे पर मारना। अर्थ - परवाह न करना।
46- अंगूर खट्टे होना। अर्थ - प्राप्‍त न हो सकने पर उस वस्‍तु को रद्दी बताना।
47- अंजर-पंजर ढीला होना। अर्थ - अंग-अंग ढीला होना।
48- अंटा चित्त करना। अर्थ - पछाड़ देना।
49- अंटी मारना। अर्थ - चाल चलना।
50- अंडा फूट जाना। अर्थ - भेद खुल जाना।
51- अंडे सेना। अर्थ - घर में बेकार बैठे रहना।
52- अंत पाना / लेना। अर्थ - भेद जानना।
53- अंत बिगाड़ना। अर्थ - परिणाम खराब कर लेना।
54- अँतडियाँ कुलबुलाना। अर्थ - बहुत भूख लगना।
55- अँतडियाँ गले पड़ना। अर्थ - संकट में पड़ना।
56- अँतडियों में बल पड़ना। अर्थ - पेट में दर्द होना ।
57- अंदर होना। अर्थ - जेल में बंद होना।
58- अंधाधुंध लुटाना। अर्थ - बहुत अपव्‍यय करना।
59- अंधा बनाना। अर्थ - मूर्ख बनाकर धोखा देना।
60- अंधे की लकड़ी / लाठी। अर्थ - एकमात्र सहारा।
61- अंधे के हाथ बटेर लगना। अर्थ - बिना प्रयास बड़ी चीज पा लेना।
62- अंधेरखाता। अर्थ - अन्‍याय ।
63- अंधेर नगरी। अर्थ - जहाँ धाँधली हो।
64- अँधेरे घर का उजाला। अर्थ - इकलौता बेटा।
65- अँधेरे में रखना। अर्थ - भेद रखना।
66- अँधों में काना राजा। अर्थ - अयोग्य के बीच कम योग्‍यता प्राप्‍त भी सम्‍मान पाता है।
67- अंक भरना / लगाना। अर्थ - गले लगाना।


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